हेलो फ्रेंड्स। आज हम इस पोस्ट में लेकर आये है किसान पर शायरी। किसान जिसे हम अन्नदाता भी कहते है वह हमारी प्रकृति से भी सीधा सम्बन्ध रखता है।
किसान को यदि धरती का भगवान कहा जाय तो यह अतिश्योक्ति नही होगी क्युकी किसान ही इस धरती पर ऐसा इन्सान है जो धरती से अन्न उपजाता है। भारतीय किसान सबसे ज्यादा मेहनत करते हैं लेकिन औद्योगिक क्रांति के बाद विकास की अंधी दौड़ में आज का किसान समय के साथ कही न कही पिछड़ गया है | और उनकी आर्थिक स्थिति आज भी उतनी अच्छी नही हैं जितनी होनी चाहिए.
सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा, सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
मत मारो गोलियो से मुझे मैं पहले से एक दुखी इंसान हूँ, मेरी मौत कि वजह यही हैं कि मैं पेशे से एक किसान हूँ.
जिसकी आँखो के आगे,किसान पेड़ पे झूल गया, देख आईना तू भी बन्दे,कल जो किया वो भूल गया.
किसान की आह जो दिल से निकाली जाएगी क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी
0 Comments